अनुच्छेद लेखन (paragraph writing), उदारण, Meaning in Hindi

आज सीखेंगे की अनुच्छेद लेखन क्या है ? अनुच्छेद लेखन कैसे करें, वही आज के इस लेख में विस्तार से समझाया है और उचित उदाहरण भी दिए गए हैं जिससे आपको अनुच्छेद लेखन ठीक से समझ आ जाये ।

अनुच्छेद लेखन in hindi

किसी दिए गए विषय पर अपने विचारों को किसी अनुबंध में सुंदर , सटीक व प्राभावी भाषा में प्रस्तुत करना ही अनुच्छेद – लेखन कहलाता है । इससे बच्चों में अच्छी रचनात्मकता , कल्पनात्मक शक्ति और अभिव्यक्तित्व कौशल का विकास प्रसार होता है ।

अनुच्छेद – लेखन में ध्यान देने योग्य बिंदु –

  • सर्वप्रथम विचारों को मुख्य बिंदुओं में व्यवस्थित करना चाहिए । भाषा सरल , सहज और प्रभावशाली होनी चाहिए
  • पूरे अनुच्छेद में एकरूपता होनी चाहिए ।
  • अनावश्यक विस्तार व दोहराव से बचना चाहिए ।

anuched lekhan meaning in english

anuched lekhan meaning in english = Paragraph Writing होता है ।

अनुच्छेद – लेखन के कुछ उदाहरण ( anuched lekhan topics for class – 4,5,6,7,8,9)

वृक्ष हमारे मित्र

हमारे आसपास अनेक पेड़ दिखाई देते हैं ; जैसे बरगद , नीम , अशोक , आम , जामुन आदि । पेड़ हमारे पर्यावरण का सबसे महत्वपूर्ण अंग है इसलिए ये हमारे अभिन्न मित्र हैं । ये हमारे ऐसे मित्र हैं , जो हमें बहुत कुछ देते हैं , पर बदले में हमसे कुछ नहीं मांगते । पेड़ो से हमे छाया मिलती है , तथा ठंडी एवं ताजी हवा तथा ऑक्सीजन मिलती है । ऑक्सीजन हम सबके लिए बहुत आवश्यक है , ऑक्सिजन के बिना जीवन असंभव है । केवल पेड़ पौधो द्वारा ही ऑक्सीजन प्राप्त की जा सकती है , इस वजह से पेड़ो की पूजा की जाती है पेड़ पौधें हमारे लिए जीवन में जीवनदाता या प्राणवायु दाता भी हैं । इतना ही नही पेडों से ऑक्सिजन के अवाला भी खाने के लिए फल, अन्न , कपड़ा, आदि । अतः ये कह सकते हैं कि पेडों के बिना जीवन अधूरा से होगा ।अतिरिक्त पेड़ों का हर हिस्सा मनुष्य के किसी – न – किसी रूप में काम आता है । पेड़ों से हमें लकड़ी , फल , सब्जी , फूल , दवाइयाँ , रबड़ और अनेक उपयोगी वस्तुएँ , मिलती हैं । पेड़ से हमारी पृथ्वी के तापमान को संतुलित बनाए रखते हैं । पेड़ों पौधों की जड़े ज़मीन में मिट्टी को पकड़कर रखती है । पेड़ द्वारा ही वर्षा सम्भव होती हैं । पेड़ पौधें किसी न किसी तरह से हमारे जीवन को सुखम और सम्भव बनाया हैं , परंतु अफसोस है फिर भी हम इन पेड़ों को काटते जा रहे हैं । पेड़ो में भी जान होती है , और ये हमारे मित्र की भांति होते हैं । हमें सच्चे मित्रों को काटना नहीं चाहिए बल्कि उनकी रक्षा करनी चाहिए और अधिक – से – अधिक पेड़ लगाने चाहिए ।

प्रातःकालीन सैर

प्रात : काल का समय बहुत ही सुहावना होता है । इस समय सैर करना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी व सुखद होता है । सैर करने से हमारा तन तथा मन दोनों लाभांवित होते है । शरीर से आलस्य दूर भागता है । चुस्ती – फुर्ती का संचार होता जब शरीर स्वस्थ होगा तो मन भी स्वस्थ और प्रसन्न रहता है । प्रात : काल सैर से अनेक रोगों का विनाश होता है । शरीर को शुद्ध , प्रदूषण रहित शुद्ध वायु प्राप्त होती हैं । इससे पाचन शक्ति मजबूत है । प्रकृति की सुंदर छटा भी सुबह के समय ही आनंद देती है । यदि हम नियमित रूप से सैर करें तब ही ये लाभ प्राप्त कर सकते हैं । प्रात : कालीन सैर हमारा शारीरिक , मानसिक व बौद्धिक विकास करने के साथ – साथ हमें प्रसन्नचित्त भी रखती है ।

मॉल की सैर का आनंद

मैं छोटे से शहर में रहता हूँ वहाँ बाजार तो बहुत हैं पर मॉल नहीं । इस बार मैं छुट्टियों में मामा के घर गया तो वे मुझे मॉल लेकर गए । बाहर से ही मॉल की लाइट देखकर मैं दंग रह गया । बहुत सारे बल्ब की चमक सबको अपनी ओर आकर्षित कर रही थी । फिर जल्दी – जल्दी अपनी कार पार्किंग में लगाई और अंदर भागे । मैं और मेरा भाई जल्दी जल्दी स्वचालित सीढ़ियों की ओर भागे क्योंकि ऊपर की मंजिल पर मैकडोनल्ड था । हमने पहले तो खाया – पीया फिर हमारे मामा – मामी ने हमें ढेर सारे कपड़े व खिलौने लेकर दिए । वहाँ बच्चों के लिए तरह – तरह के खेल भी थे जिनका हमने खूब आनंद उठाया । सुबह से शाम कब हुई , समय बीतने का पता ही न चला । वहाँ एक ही छत के नीचे इतने सारे तरह – तरह के सामान देखकर मैं आश्चर्यचकित था । घर लौटकर भी मैं वहाँ की बातें ही करता रहा । मामा – मामी ने मेरी खुशी एवं उत्साह को देखकर मुझे अगले सप्ताह वहाँ दोबारा ले जाने का वायदा किया जिसे सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा ।

मधुर वाणी

हमारी वाणी हमारे व्यक्तित्व की पहचान करती है वाणी में इतनी शक्ति होती है कि दुष्मन को भी अपना मित्र बना सकती हैं और किसी मित्र को भी दुश्मन बना सकती हैं । यदि हम मीठी वाणी से किसी से बात करते हैं तो अवश्य ही लोग हमारी ओर आकर्षित होते हैं और यदि हम बुरे व कठोर शब्दों का प्रयोग करते हैं तो ऐसे करने से हमारे निकट रहने वाला कोई अपना भी हम से दूर जाने लगता है । कडुवी बोली से कोई भी हमसे बात करना न पास बैठना पसंद करता । मधुर वचन केवल सुनने वाले को ही नहीं बल्कि ये बोलने वाले को भी आत्मिक ख़ुशी का अहसास प्रदान करते हैं । किसी के दुख में यदि हम सहानुभूति के दो शब्द भी बोल दे तो वे उसे बहुत सहारा देते हैं । मृदुभाषी सदा सम्मान पाते हैं । पराए भी अपने बन जाते हैं । सभी उनकी प्रशंसा करते हैं । मधुर वाणी बोलने वाले कभी क्रोध नहीं करते बल्कि प्रेम व सौहार्द से समाज में मिल झुल के रहते हैं।

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