दीपावली पर निबंध | Essay On Dipawali in Hindi

दिपावली एक ऐसा भरतीय त्यौहार जिसके लिए सभी भारतीय उत्साहित रहते हैं । तो आज हम दीपावाली पर निबंध लेखन करेगे की आखिर ये दीपावली पर निबंध सही ढंग से और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के अनुसार और ये निबंध आसानी से याद हो सके छोटी class के बच्चे जैसे class 1 से लेकर 5 तक के विद्यार्थियों के अनुसार लिखा गया है । जो कुछ इस प्रकार है-

दीपावली पर निबंध | Essay On Dipawali in Hindi

प्रस्तावना-

भारत त्योहारों का देश है । यहाँ विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के लोग रहते हैं , जो वर्ष – भर कोई – न – कोई त्योहार मनाते रहते हैं । दीपावली ऐसा ही एक त्योहार है , जिसे हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है । साथ ही आज के समय विदेशों में भी दीपावली कुछ जगह मनाते देखा गया है । आखिर हमारा देश और त्योहार है ही इतने प्रचलित और ख़ुशी देने वाले ।

दीपावली का अर्थ व मनाने का समय

दीपावली का अर्थ है- दीपों की कतार या क्रम । दीपावली एक प्रकाश का पावन पर्व है । यह अमावस्या की अंधेरी रात कोे अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव है । दीपावली का त्योहार शरद ऋतु के आरंभ में कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है । इस दिन संध्या होते ही घर दीपों , मोमबत्तियों और बिजली की झालरों से जगमगा उठते हैं । ये जगमगाते दीपों की पंक्तियाँ ‘ तमसो मा ज्योतिर्गमय ‘ अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का संदेश देती हैं ।

मनाने का कारण-

इस त्योहार के साथ कई कहानियाँ जुड़ी हुई हैं , जिनमें सबसे अधिक मान्यता यह है कि इस दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे । अयोध्या के लोगों ने भगवान श्री राम के रावण पर विजय पा कर वापस लौट कर आने की प्रसन्नता में दीपक जलाकर उनका तहे दिल से स्वागत और सम्मान किया था । तभी से यह त्योहार मनाया जाने लगा है ।

मनाने की तैयारी व विधि-

दीपावली को धन की देवी माँ लक्ष्मी का त्योहार भी माना जाता है अतः लोग इसे बड़े उत्साह से मनाते हैं । कई दिन पहले ही बाजार सज जाते हैं । लोग बरतनों , मिठाइयों , सोने – चाँदी के सिक्कों और सजावटी सामानों की खरीदारी बड़े उत्साह के साथ करते हैं । मित्रों और सगे – संबंधियों के लिए उपहार खरीदे जाते हैं और मिठाइयों का आदान – प्रदान भी होता है । शाम को दीपक सजाए जाते हैं और घर – बाजारों में रोशनी की जाती है । रात में लोग लक्ष्मी – गणेश की पूजा करते हैं और एक – दूसरे को बधाई देते हैं । बच्चे पटाखे और फुलझड़ियाँ जलाकर आतिशबाजी का मजा लेते हैं ।

उपसंहार-

यह त्योहार सबके जीवन से अंधकार को मिटाने का संदेश देता है । किंतु कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं और अपना सब कुछ गँवा देते हैं । पटाखों के शोर से जहाँ बीमारों और वृद्धों को परेशान होना पड़ता है , वहीं वातावरण भी प्रदूषित होता है । कई बार पटाखे जलाते समय असावधानी से लोग दुर्घटनाओं का भी शिकार हो जाते हैं । हमें इन बुराइयों से दूर रहना चाहिए और पटाखों आदि का प्रयोग कम – से – कम करना चाहिए । हमें सबके जीवन में रोशनी भरने का प्रयास करना चाहिए ।

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