Story in Hindi | Moral Story in Hindi | हिंदी कहानी 2021

आज के लेख में नयी story in hindi का लेखन किया गया है जिमसें बच्चो को नैतिक शिक्षा का ज्ञान बढेगा साथ ही यह exam में अच्छे अंक लाने के लिए भी आज की story in hindi काफी helpfull रहने वाली है ।

Story in Hindi: हिंदी कहानी जो एक गुस्सैल लड़के पर आधारित है ।

कहानी पढ़ें: बहुत पहले, प्रेम नाम का एक लड़का रहता था। वह अपने गुरु और अपने परिवार और कई अन्य लड़कों के साथ रहता था। प्रेम बहुत ही शानदार लड़का था। लेकिन उनका स्वभाव बहुत खराब था। अपने बुरे स्वभाव के कारण वह छोटी से छोटी बात के लिए भी किसी से भी लड़ाई कर लेता था। किसी भी लड़के को उसकी कंपनी पसंद नहीं थी। वे उसके हिंसक स्वभाव से डरते थे।

एक दिन, उनके गुरु ने उन्हें हल करने के लिए एक राशि दी। चूंकि योग मुश्किल था इसलिए इसे हल नहीं किया जा सका। वह गुस्से में उठा और जंगल में चला गया। जब वह लौटा तो किसी ने उससे बात नहीं की। गुरु वास्तव में उसकेे व्यवहार से चिंतित थे।

गुरु ने प्रेम को बुलाया और विनम्रता से कहा, “मेरा बच्चा , तुम इतने उज्ज्वल लड़के हो, लेकिन तुम हर समय गुस्से में क्यों रहते हो? जब तुम अपने क्रोध पर नियंत्रण नहीं रखते तो इतना उज्ज्वल होने का क्या फायदा?” प्रेम ने चुपचाप अपने गुरु की बात सुनी। गुरु ने उसे लकड़ी का एक टुकड़ा दिया। और कहा कि “जब भी तुम्हे गुस्सा आये तब इस लकड़ी के इस टुकड़े में एक कील हथौड़ा से ठोकना । और इस महीने के अंत में इस लकड़ी को मेरे पास वापस ले कर आना ।”

प्रेम ने लकड़ी का टुकड़ा लिया। एक आज्ञाकारी छात्र के रूप में वह हर बार गुस्से में लकड़ी पर कील ठोकता था। एक महीना गुज़र गया। प्रेम उस लकड़ी के टुकड़े को अपने गुरु के पास वापस ले कर गया। गुरु को लकड़ी देखकर आश्चर्य हुआ। यह कीलों से भरा हुआ था। गुरु ने प्रेम कोे आश्चर्य से देखा। गुरु ने लकड़ी का टुकड़ा लिया और प्रेम से उस लकड़ी से हर एक कील को बाहर निकालने के लिए कहा।

प्रेम ने ऐसा ही किया, हालांकि प्रेम को यह सब समझ नही आया। जब उसने सारी कील निकल ली तब देखा लकड़ी मे इतने सारे छेद थे कि वह लकड़ी ज़रा से बल से टुकड़े-टुकड़े हो जाये । प्रेम यही सोचते हुये लकड़ी के टुकड़े को देखता रहा । तब गुरु ने कहा, “प्रेम, यह लकड़ी का टुकड़ा तुम्हारे जैसा है। यदि तुम अपने क्रोध पर नियंत्रण नहीं करोगे, तो तुम अपने आप को बुरी तरह से चोट पहुँचाओगे क्योंकि यह लकड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

आज की story in Hindi से हमे क्या शिक्षा मिलती है

कभी कभी क्रोधित होना सामान्य बात है लेकिन तुम्हें पता होना चाहिए कि कैसे इससे निपटने के लिए, अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें, ” प्रेम का सिर शर्म से झुक गया था। उसने कहा, “मुझे जो नुकसान हो रहा है उसे दिखाने के लिए धन्यवाद। अब से मैं अपने गुस्से को नियंत्रित करने की कोशिश करूंगा।”

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